वृक्षारोपण क्षेत्रों की जियो टैगिंग में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी, शत-प्रतिशत जियो टैगिंग पूर्ण करने के दिए निर्देश
महोबा, 26 अक्टूबर 2026।
जिलाधिकारी श्री प्रभाष कुमार की अध्यक्षता में आज जिलाधिकारी कैम्प सभागार, महोबा में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वेटलैण्ड समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वृक्षारोपण अभियान की प्रगति, रोपित पौधों की सुरक्षा एवं जियो टैगिंग, पर्यावरण संरक्षण तथा गंगा की स्वच्छता से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी श्री देबाशीष जेना ने अवगत कराया कि शासन के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 35 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत जनपद महोबा में वन विभाग एवं 25 अन्य विभागों द्वारा कुल 79,29,921 पौधों का रोपण किया गया है। इसमें वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में 40,92,032 पौधे तथा अन्य विभागों द्वारा 38,37,889 पौधे रोपित किए गए हैं।
वृक्षारोपण क्षेत्रों की जियो टैगिंग की समीक्षा के दौरान गृह विभाग (पुलिस विभाग), सहकारिता, लोक निर्माण, कृषि, पशुपालन, नगर विकास, परिवहन, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, भूतत्व एवं खनिकर्म तथा पर्यावरण विभाग की प्रगति 100 प्रतिशत से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष जियो टैगिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी विभागों को प्रतिदिन जियो टैगिंग की प्रगति निर्धारित ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोपित पौधों का संरक्षण एवं उनकी नियमित देखभाल भी अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पौधों की निगरानी सुनिश्चित करें, जिससे पौधों के जीवित रहने की दर में वृद्धि हो तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में प्रभावी योगदान मिल सके।
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखने, नदी में कचरा और प्रतिबंधित अपशिष्ट प्रवाहित होने से रोकने तथा घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, आमजन को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा वेटलैण्ड के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति से अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा संरक्षण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी श्री देबाशीष जेना, उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री विमल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री इन्द्रनंदन सिंह सहित वृक्षारोपण से संबंधित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
