महोबा, उत्तर प्रदेश | 19 अक्टूबर 2026
InterGlobe NEWS | विशेष संवाददाता
लंबे इंतजार के बाद किसानों के लिए राहत की खबर, समितियों के माध्यम से होगा खाद का वितरण
महोबा। जिले में डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रबी की फसलों की बुवाई के बीच खाद की किल्लत का मामला शासन तक पहुंचने के बाद रविवार को जिले में डीएपी खाद की एक रैक पहुंच गई। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था में सुधार होगा और बुवाई के कार्य में तेजी आएगी।
खाद के लिए परेशान हो रहे थे किसान
जिले में रबी की फसलों की बुवाई का समय होने के कारण किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने या मांग के मुकाबले कम वितरण के कारण किसानों को सहकारी समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।
रिपोर्ट में कुछ किसानों की ओर से पांच से दस बोरी खाद की मांग के बावजूद एक बोरी मिलने की बात भी सामने आई थी। इससे किसानों को बार-बार समितियों तक पहुंचना पड़ रहा था और खेती के दूसरे काम भी प्रभावित हो रहे थे।
शासन तक पहुंचा खाद की कमी का मामला
जिले में डीएपी की कमी को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ने के बाद खाद की आपूर्ति का मुद्दा शासन तक पहुंचा। इसके बाद जिले में खाद की एक रैक पहुंचने की सूचना सामने आई है।
जिला प्रशासन की ओर से भी खाद की आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। अब रैक के गोदाम पहुंचने के बाद इसे जरूरत के अनुसार सहकारी समितियों में भेजे जाने की व्यवस्था की जाएगी।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में रैक में आई खाद की कुल मात्रा और प्रत्येक समिति को मिलने वाली खाद का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।
सहकारी समितियों के माध्यम से होगा वितरण
खाद की रैक पहुंचने के बाद अगली महत्वपूर्ण चुनौती इसे जिले के किसानों तक समय पर पहुंचाना है। इसके लिए सहकारी समितियों में मांग और उपलब्धता के अनुसार खाद भेजे जाने की बात कही गई है।
किसानों को उम्मीद है कि नई आपूर्ति से उन्हें बार-बार कतार में लगने और खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति तक भटकने की समस्या से राहत मिलेगी।
हालांकि, सभी किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध हो पाएगी या नहीं, यह वितरण की गति, उपलब्ध स्टॉक और किसानों की वास्तविक मांग पर निर्भर करेगा।
समय पर खाद मिलने से बुवाई में मिलेगी मदद
रबी सीजन में समय पर खाद उपलब्ध होना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। खाद की कमी के कारण बुवाई में देरी होने से कृषि कार्यों का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
ऐसे में जिले में डीएपी की नई खेप पहुंचना सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यदि खाद का वितरण समय से और पारदर्शी तरीके से किया जाता है, तो किसानों को बुवाई के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।
प्रशासन के सामने अब सुचारु वितरण की चुनौती
खाद की रैक पहुंचने के बाद प्रशासन और सहकारिता विभाग के सामने यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि खाद सभी जरूरतमंद किसानों तक उचित प्रक्रिया के तहत पहुंचे।
किसानों को समय पर खाद मिले, वितरण में किसी प्रकार का पक्षपात न हो और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई की जाए, ऐसी व्यवस्था की जरूरत है।
निष्कर्ष: महोबा में डीएपी खाद की रैक पहुंचना किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि सहकारी समितियों में खाद कब तक पहुंचती है और उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक खाद मिल पाती है या नहीं।
