बांदा। इंटरग्लोब न्यूज़ –उत्तर प्रदेश के बांदा में नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का समापन मंगलवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ हो रहा है। सुबह से ही शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों की ओर से प्रतिमाओं के साथ विसर्जन शोभायात्राएं निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, माता रानी के जयकारों और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच पूरा शहर भक्तिमय नजर आया।
शहर में स्थापित लगभग 450 छोटी-बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं को केन नदी के तट पर तैयार किए गए कृत्रिम जलाशय में विसर्जित किया जाना है। मंगलवार शाम पांच बजे तक करीब 90 प्रतिमाएं विसर्जन स्थल तक पहुंच चुकी थीं। प्रतिमाओं के पहुंचने के क्रम के अनुसार विसर्जन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के शामिल होने के कारण देर रात तक विसर्जन जारी रहने की संभावना जताई गई।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा ने बढ़ाया श्रद्धालुओं का उत्साह
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान मंगलवार शाम एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए गए। शाम करीब चार बजे मेडिकल कॉलेज से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। इसके बाद बाबूलाल चौराहे से माहेश्वरी देवी मंदिर तक निकल रही शोभायात्रा के दौरान पुष्पवर्षा की गई।
आसमान से फूलों की बारिश होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह महिलाएं, बच्चे और अन्य श्रद्धालु माता रानी के दर्शन तथा पूजन के लिए मौजूद रहे। इस दौरान धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।
11 किलोमीटर का सफर तय कर भूरागढ़ पहुंच रहीं प्रतिमाएं
शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निर्धारित मार्गों पर शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। केंद्रीय दुर्गा पूजा महोत्सव समिति के मंच से टोकन प्राप्त करने के बाद प्रतिमाओं को तय व्यवस्था के अनुसार भूरागढ़ स्थित केन नदी के घाट तक ले जाया जा रहा है।
माहेश्वरी देवी मंदिर के सामने से शुरू होने वाला विसर्जन मार्ग लगभग 11 किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते पर श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रतिमाओं की लगातार आवाजाही के कारण प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे तक लगभग 90 प्रतिमाएं घाट तक पहुंच चुकी थीं। वहीं, माहेश्वरी देवी चौराहे पर शाम पांच बजे तक 78 टोकन वितरित किए जाने की जानकारी दी गई। प्रतिमाओं के क्रम और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे की प्रक्रिया संचालित की जा रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती
विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे आयोजन के दौरान लगभग 1500 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। जुलूस मार्ग पर पांचों क्षेत्राधिकारियों (सीओ), 20 इंस्पेक्टरों और पर्याप्त पुलिस बल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भीड़ के बीच किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से शोभायात्रा मार्ग तथा आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। साथ ही, डीजे की आवाज निर्धारित निर्देशों के अनुरूप रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्गा पूजा समितियां व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं और शाम तक किसी बड़ी समस्या की सूचना नहीं थी।
केन नदी के घाट पर नावों और गोताखोरों की व्यवस्था
प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केन नदी के घाट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विसर्जन कार्य के लिए 16 जोड़ी नावें तैयार रखी गई हैं। इसके साथ ही गोताखोरों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि नदी में विसर्जन के दौरान किसी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके।
प्रशासन का ध्यान नदी किनारे उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन कराने पर है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें और नदी में उतरते समय सावधानी बरतें।
शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
विसर्जन शोभायात्राओं के मद्देनजर मंगलवार को शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई। इसका उद्देश्य शोभायात्राओं के सुचारु संचालन, यातायात जाम से बचाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
इससे पहले 17 अक्टूबर को जिलाधिकारी अमित आसेरी और पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने केंद्रीय दुर्गा पूजा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विसर्जन मार्गों का निरीक्षण किया था। इस दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
आस्था, उत्साह और सुरक्षा के बीच नवरात्रि महोत्सव का समापन
बांदा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामूहिक उत्साह का प्रमुख अवसर रहा। एक ओर श्रद्धालु जयकारों के साथ माता रानी को विदाई देने के लिए शोभायात्राओं में शामिल हुए, तो दूसरी ओर प्रशासन भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा।
करीब 450 प्रतिमाओं के विसर्जन की योजना और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए देर रात तक व्यवस्थाएं सक्रिय रहने की संभावना थी। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने, यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने और विसर्जन स्थल पर सुरक्षा नियमों का ध्यान रखने की अपील की।
मुख्य बिंदु:
बांदा में नवरात्रि महोत्सव का समापन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के साथ।
शहर की करीब 450 प्रतिमाओं का केन नदी के तट पर बने कृत्रिम जलाशय में विसर्जन प्रस्तावित।
शोभायात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा।
भूरागढ़ घाट तक पहुंचने के लिए लगभग 11 किलोमीटर का निर्धारित मार्ग।
सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती।
ड्रोन, सीसीटीवी, नावों और गोताखोरों के माध्यम से निगरानी एवं सुरक्षा।
यातायात सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक।
