विशेष स्वास्थ्य रिपोर्ट | InterGlobe NEWS
नई दिल्ली। दुनिया के विभिन्न देशों में Mpox (एमपॉक्स), जिसे पहले मंकीपॉक्स कहा जाता था, के मामलों पर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार नजर रख रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 14 सितंबर 2026 को प्रकाशित बहुदेशीय स्थिति रिपोर्ट में इस बीमारी के वैश्विक प्रसार से संबंधित जानकारी दी गई है। यूरोप की स्वास्थ्य एजेंसी ECDC की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में भी Mpox के क्लेड-I संक्रमणों में वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस बीमारी के लक्षणों, संक्रमण के तरीकों और बचाव की जानकारी रखना जरूरी है।
हालांकि, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मामले सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि हर देश में संक्रमण समान स्तर पर फैल रहा है। किसी क्षेत्र में वास्तविक खतरे का आकलन वहां के नए मामलों, संक्रमण के स्रोत और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के आधार पर किया जाता है।
क्या है Mpox बीमारी?
Mpox एक संक्रामक वायरल बीमारी है। यह मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है, जो ऑर्थोपॉक्सवायरस समूह से संबंधित है। इस बीमारी में आमतौर पर बुखार, शरीर में दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन और त्वचा पर दाने या छाले दिखाई दे सकते हैं।
पहले इस बीमारी को मंकीपॉक्स कहा जाता था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसका नाम Mpox अपनाया। इसके लक्षण कुछ अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों से मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए केवल दाने देखकर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक हो सकती है।
Mpox कैसे फैलता है?
Mpox मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट शारीरिक संपर्क से फैलता है। संक्रमण के प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:
1. त्वचा के सीधे संपर्क से: संक्रमित व्यक्ति के दानों, छालों या घावों को छूने से वायरस फैल सकता है।
2. निकट शारीरिक संपर्क से: चुंबन, यौन संपर्क या अन्य प्रकार के निकट संपर्क के दौरान संक्रमण फैल सकता है। यह केवल यौन संपर्क से फैलने वाली बीमारी नहीं है।
3. दूषित वस्तुओं से: संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों, बिस्तर, तौलिये या अन्य दूषित सामग्री के संपर्क से संक्रमण हो सकता है।
4. मुंह और श्वसन से संबंधित संपर्क: लंबे समय तक बहुत नजदीकी संपर्क के दौरान संक्रमित श्वसन कणों के माध्यम से भी संक्रमण फैल सकता है।
5. संक्रमित जानवरों से: कुछ क्षेत्रों में संक्रमित जंगली जानवरों के काटने, खरोंचने या उनके संक्रमित ऊतकों के संपर्क से भी मनुष्यों में संक्रमण पहुंच सकता है।
संक्रमित व्यक्ति तब तक दूसरों को बीमारी फैला सकता है, जब तक उसके सभी घाव भर न जाएं और उनके स्थान पर त्वचा की नई परत न बन जाए।
Mpox के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
Mpox के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 1 से 21 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं। कई लोगों में लक्षण लगभग एक सप्ताह के आसपास शुरू होते हैं।
प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
- बुखार आना।
- तेज सिरदर्द।
- मांसपेशियों और पीठ में दर्द।
- शरीर में अत्यधिक थकान।
- गले में खराश।
- गर्दन, बगल या शरीर के अन्य हिस्सों में लिम्फ नोड्स की सूजन।
- त्वचा पर लाल या उभरे हुए दाने।
- दानों का छालों या पस भरे घावों में बदलना।
- मुंह, जननांगों या गुदा के आसपास घाव होना।
- घावों में दर्द, खुजली या जलन होना।
कुछ लोगों में पहले त्वचा पर दाने दिखाई दे सकते हैं, जबकि अन्य लोगों में बुखार और शरीर दर्द के बाद दाने निकलते हैं। घाव शरीर के किसी एक हिस्से में भी हो सकते हैं और कई हिस्सों में भी।
लक्षण आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रह सकते हैं। हालांकि, बीमारी की गंभीरता व्यक्ति की स्थिति और उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करती है।
क्या Mpox जानलेवा बीमारी है?
Mpox से संक्रमित अधिकांश लोग पूरी तरह ठीक हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। घावों में दूसरे बैक्टीरिया का संक्रमण, निमोनिया, आंखों में संक्रमण, शरीर में पानी की कमी और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। एचआईवी से संक्रमित उन लोगों में भी जोखिम अधिक हो सकता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छी तरह नियंत्रित नहीं है।
इसलिए लक्षण दिखाई देने पर बीमारी को मामूली त्वचा संक्रमण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Mpox की जांच कैसे होती है?
Mpox के लक्षण कई अन्य बीमारियों से मिल सकते हैं। इसलिए डॉक्टर मरीज की चिकित्सकीय स्थिति, लक्षणों, संपर्क और यात्रा के इतिहास की समीक्षा करते हैं।
आमतौर पर संक्रमण की पुष्टि के लिए त्वचा के घाव से लिए गए नमूने की प्रयोगशाला में PCR जांच की जा सकती है। जांच और नमूना लेने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विशेषज्ञों के निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति में Mpox जैसे लक्षण हों या वह किसी संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आया हो, तो उसे स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए और जांच के संबंध में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
Mpox का इलाज क्या है?
Mpox के इलाज में मुख्य रूप से लक्षणों को नियंत्रित करना, दर्द और बुखार में राहत देना, शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखना, त्वचा के घावों की देखभाल करना और जटिलताओं को रोकना शामिल है।
अधिकांश मरीज उचित देखभाल के साथ ठीक हो जाते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में विशेषज्ञ अतिरिक्त उपचार पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक Mpox के लिए कोई ऐसी एंटीवायरल दवा स्थापित नहीं है जो हर मरीज में निश्चित रूप से प्रभावी हो। कुछ दवाओं का मूल्यांकन और उपयोग विशेष परिस्थितियों में किया जाता है।
महत्वपूर्ण: बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड या किसी अन्य दवा का सेवन न करें। एंटीबायोटिक वायरस पर सीधे प्रभावी नहीं होते और इनकी जरूरत केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में हो सकती है।
Mpox से बचाव कैसे करें?
इस बीमारी से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी महत्वपूर्ण है।
बचाव के प्रमुख उपाय:
- संक्रमित या संदिग्ध व्यक्ति के त्वचा संबंधी घावों को सीधे न छुएं।
- संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिये और बिस्तर साझा करने से बचें।
- साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
- संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते समय स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।
- यदि लक्षण दिखाई दें, तो दूसरों के साथ निकट संपर्क सीमित करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
- घावों को खुजलाने या फोड़ने से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं और आसपास की सतहों की उचित सफाई करें।
- बीमारी की आशंका होने पर जांच और आइसोलेशन के संबंध में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
Mpox से बचाव के लिए मास्क और अन्य सुरक्षा उपायों की जरूरत परिस्थिति तथा संपर्क के प्रकार पर निर्भर कर सकती है। संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वालों को स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार सुरक्षा बरतनी चाहिए।
क्या Mpox की वैक्सीन उपलब्ध है?
हाँ, Mpox से बचाव के लिए कुछ वैक्सीन उपलब्ध हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन जोखिम वाले लोगों, संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आए लोगों और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए परिस्थितियों के अनुसार टीकाकरण की सिफारिश करता है।
हालांकि, हर व्यक्ति को टीका लगवाने की आवश्यकता नहीं होती। टीकाकरण का निर्णय संक्रमण के जोखिम, स्थानीय उपलब्धता और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया जाना चाहिए। टीका लगने के बाद भी संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है।
क्या Mpox कोविड-19 की तरह हवा से फैलता है?
Mpox और कोविड-19 के फैलने के तरीके एक जैसे नहीं हैं। Mpox का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट शारीरिक संपर्क, त्वचा के घावों और दूषित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। कुछ परिस्थितियों में बहुत निकट संपर्क के दौरान श्वसन कणों से भी संक्रमण फैल सकता है।
इसलिए Mpox को केवल हवा से फैलने वाली बीमारी बताना सही नहीं होगा। संक्रमण से बचने के लिए इसके वास्तविक प्रसार के तरीकों को समझना जरूरी है।
क्या भारत में Mpox को लेकर चिंता करनी चाहिए?
Mpox के अंतरराष्ट्रीय प्रसार के कारण भारत सहित सभी देशों के लिए निगरानी, समय पर जांच और संक्रमण की रोकथाम महत्वपूर्ण है। फरवरी 2026 में WHO ने भारत में पहले से सामने आए एक मामले की जीनोम जांच के आधार पर वायरस के ऐसे पुनर्संयोजित स्वरूप की जानकारी दी थी, जिसमें क्लेड-Ib और क्लेड-IIb के आनुवंशिक तत्व पाए गए थे। यह मामला सितंबर 2025 में लक्षण शुरू होने वाले एक व्यक्ति से संबंधित था, जिसने विदेश यात्रा की थी। WHO के अनुसार, उस मामले में संपर्कों की निगरानी के दौरान कोई द्वितीयक मामला सामने नहीं आया था। यह जानकारी उस विशेष मामले से संबंधित है; इसे भारत में वर्तमान व्यापक प्रसार का प्रमाण नहीं समझना चाहिए।
भारत में किसी समय संक्रमण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और संबंधित राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ताजा आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए।
WHO की क्या सलाह है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन Mpox की निगरानी, समय पर जांच, संक्रमित व्यक्तियों की उचित देखभाल, संपर्कों की पहचान और जोखिम वाले लोगों के लिए टीकाकरण जैसे उपायों पर जोर देता है। बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।
WHO की 14 सितंबर 2026 की बहुदेशीय स्थिति रिपोर्ट Mpox के अंतरराष्ट्रीय प्रसार और रोकथाम संबंधी प्रयासों की जानकारी देती है। रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़े अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कटऑफ तारीखों पर आधारित हैं, इसलिए उन्हें रिपोर्ट की तारीख के बाद के वास्तविक मामलों की संख्या नहीं समझना चाहिए।
निष्कर्ष
Mpox एक संक्रामक वायरल बीमारी है, लेकिन इसके संक्रमण के तरीके, लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी होने से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। त्वचा पर असामान्य दाने, बुखार, सूजी हुई लिम्फ नोड्स या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क का इतिहास होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
अफवाहों से बचें, संक्रमित व्यक्ति के प्रति भेदभाव न करें और बीमारी की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच के आधार पर करें। समय पर पहचान, उचित देखभाल और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन संक्रमण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य सूचना: यह लेख जन-जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह डॉक्टर की जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
रिपोर्ट: InterGlobe NEWS — विश्व को जोड़ने वाली आवाज़
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की Mpox संबंधी जानकारी: WHO की Mpox जानकारी
WHO की नवीनतम उपलब्ध बहुदेशीय स्थिति रिपोर्ट: Mpox स्थिति रिपोर्ट, 14 सितंबर 2026
