सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश
महोबा। नवरात्र और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए महोबा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क है। विसर्जन स्थलों से लेकर दुर्गा पूजा पंडालों तक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, प्रकाश, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
डीएम और एसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा
प्राप्त समाचारों के अनुसार, जिलाधिकारी प्रभास कुमार और पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने महोबा मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक कीरत सागर विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विसर्जन के समय श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, प्रतिमाओं के आवागमन और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाएं व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
विसर्जन स्थल पर प्रवेश और निकास के रास्ते होंगे अलग
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कीरत सागर और उर्मिल बांध सहित विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं और प्रतिमाओं के आवागमन में अव्यवस्था न हो। अलग-अलग रास्ते होने से भीड़ का दबाव कम करने और किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को घटाने में मदद मिल सकती है।
श्रीनगर क्षेत्र में उर्मिल नदी और बांध के सिद्ध बाबा विसर्जन स्थल का भी निरीक्षण किया गया। वहां निर्देश दिए गए कि प्रतिमा लेकर नदी तक सीमित संख्या में लोग जाएं और घाट पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दें।
कीरत सागर और बेलासागर में सुरक्षा इंतजाम
महोबा शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ऐतिहासिक कीरत सागर और बेलाताल क्षेत्र में बेलासागर सहित निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है।
विसर्जन के दौरान पुलिस बल की तैनाती, गोताखोरों की उपलब्धता और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी पर रखने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे पानी के नजदीक सावधानी बरतें और बच्चों को जलाशयों के किनारे अकेला न छोड़ें।
दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा की जांच
विसर्जन स्थलों के साथ-साथ दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। आयोजकों को प्रवेश और निकास के रास्ते अलग रखने, भीड़ को नियंत्रित करने, बिजली के कनेक्शनों की जांच कराने तथा अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने जैसे सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडालों के आसपास साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी और आयोजकों के साथ समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया है, ताकि पूजा और दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर भी नजर रख रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि के किसी संदेश, वीडियो या खबर को साझा न करें।
प्रशासन ने लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। शांति व्यवस्था में बाधा डालने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं और प्रतिमा विसर्जन समितियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित मार्गों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विसर्जन स्थल पर अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं, बच्चों को जलाशयों के किनारे अकेला न छोड़ें और पुलिसकर्मियों तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, महोबा में नवरात्र और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की भूमिका के साथ-साथ आम नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
